चीनी तस्वीर को पाक ऑपरेशन बताकर असीम मुनीर ट्रोल

चीन की पुरानी मिलिट्री ड्रिल की तस्वीर को 'ऑपरेशन बुनीयन' का हिस्सा बताकर पाक पीएम को भेंट किया गया, सोशल मीडिया पर हुआ ट्रोल।

यह तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दृश्यों से सीधे उठाई गई है।


तारीख: 26 मई 2025
स्थान: इस्लामाबाद/नई दिल्ली
Indo-Asian News Service (IANS)

पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में घिर गया है। हाल ही में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल डिनर के दौरान, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट की, जिसे ‘ऑपरेशन बुनीयन-उन-मरसूस’ की सैन्य सफलता का प्रतीक बताया गया।

हालांकि, यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इसकी सच्चाई उजागर कर दी। प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यूज़र्स ने बताया कि यह फोटो असल में चार साल पुरानी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की मिलिट्री ड्रिल की है, जो गूगल पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

क्या है पूरा मामला?

पाकिस्तान सरकार और सेना ने हाल ही में 'मारका-ए-हक' नाम से एक डिनर इवेंट आयोजित किया था, जिसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विदेश मंत्री, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस इवेंट में 'ऑपरेशन बुनीयन' को भारत के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कामयाबी के रूप में पेश किया गया।

इसी दौरान सेना प्रमुख असीम मुनीर ने पीएम शरीफ को एक तस्वीर भेंट की, जिसे "भारत पर सैन्य कार्रवाई का प्रतीक" बताया गया। लेकिन यूज़र्स ने जल्द ही इसकी पोल खोल दी कि वह तस्वीर असल में चीनी रॉकेट लॉन्चर PHL-03 की है, और किसी भी तरह पाकिस्तान से जुड़ी नहीं है।

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सोशल मीडिया पर तंज और ट्रोलिंग

इस घटना के बाद ट्विटर, इंस्टाग्राम और रेडिट पर पाक सेना और सरकार का जमकर मज़ाक उड़ाया गया। एक यूज़र ने लिखा:
"फर्ज़ी ऑपरेशन का फर्ज़ी फोटो। DG ISPR कम से कम तस्वीर तो असली रखते!"

एक और ने चुटकी ली:
"पाकिस्तान अपनी असली कार्रवाई की एक भी तस्वीर नहीं बना सका। गूगल और फोटोशॉप ही अब सेना का हथियार हैं।"

फील्ड मार्शल की पदोन्नति पर भी उठे सवाल

परिस्थिति को और विवादित बना दिया फील्ड मार्शल की उपाधि ने, जो आम तौर पर सिर्फ युद्ध में स्पष्ट जीत के बाद दी जाती है। लेकिन यहां ऐसा कोई युद्ध या सफलता सामने नहीं आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तथाकथित 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने ही पाकिस्तान के एयरबेस को नुकसान पहुँचाया और उसके ड्रोन व मिसाइलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया।

अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

इस पूरे विवाद के बाद भी पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। न ही फर्ज़ी तस्वीर की पुष्टि या खंडन किया गया है, और न ही असीम मुनीर की पदोन्नति को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया गया है।

पाकिस्तान द्वारा अपनी सैन्य शक्ति को लेकर फैलाया गया यह ताजा प्रचार अब खुद उसके लिए शर्मिंदगी का कारण बन गया है। जिस तस्वीर को देशभक्ति का प्रतीक बनाकर प्रस्तुत किया गया, वह अब इंटरनेट पर मज़ाक और आलोचना का केन्द्र बन चुकी है।

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