बलूचिस्तान: जबरन गायब युवक के विरोध में स्थानीयों ने CPEC हाईवे जाम किया, बढ़ती मानवाधिकार उल्लंघनों पर नाराज़गी

बलूचिस्तान के तुरबत में जबरन गायब युवक के विरोध में उग्र प्रदर्शन, CPEC हाईवे पर सड़क जाम कर बैठे परिजन और स्थानीय लोग, जाने पूरी खबर-

Protesters blocking CPEC highway with banners in Turbat, Balochistan

तुरबत (पाकिस्तान), 19 जून: बलूचिस्तान के केच ज़िले के मुख्य शहर तुरबत में 16 जून को एक बार फिर जबरन गायब कर दिए जाने (Enforced Disappearance) की घटना ने जनता को झकझोर कर रख दिया है। यावर हबीब, जो कि हबीब बलूच के बेटे हैं, को तुरबत हाईकोर्ट के बाहर दिनदहाड़े अगवा कर लिया गया। इसके विरोध में उनके परिजनों और स्थानीय लोगों ने चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) हाईवे पर शापक इलाके में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क को जाम कर दिया।

चश्मदीदों का दावा: plain clothes में आए लोग उठा ले गए यावर

स्थानीय मीडिया The Balochistan Post के मुताबिक, यावर हबीब अपने पिता के साथ कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे थे, तभी कुछ सादे कपड़ों में लोग उन्हें एक गाड़ी में जबरन बैठाकर ले गए। यह कोई पहली बार नहीं है, परिजनों ने बताया कि यावर पहले भी इसी तरह गायब किए जा चुके हैं और बाद में रिहा किए गए थे। अब दोबारा ऐसे ही घटना से परिवार की चिंता और गहरी हो गई है।

प्रदर्शनकारियों ने CPEC हाईवे रोका, की तत्काल रिहाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने शापक इलाके में CPEC की मुख्य सड़क को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों ने बैनर, पोस्टर और नारेबाजी के माध्यम से यावर की सुरक्षित वापसी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कदम नहीं उठाया, तो प्रदर्शन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा।

मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन: प्रदर्शनकारियों का आरोप

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि बलूचिस्तान में जबरन गायब कर देने की घटनाएं अब रोजमर्रा का हिस्सा बन गई हैं और इसमें सरकारी चुप्पी इन अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर संज्ञान लें और पाकिस्तानी सरकार पर दबाव डालें ताकि जवाबदेही तय की जा सके।

सामाजिक विश्वास पर चोट: स्थानीयों में डर और असुरक्षा

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे घटनाक्रम न सिर्फ परिवारों को मानसिक रूप से तोड़ते हैं, बल्कि क्षेत्र में संस्थानों के प्रति विश्वास भी कम होता जा रहा है। जब तक यावर को सुरक्षित वापस नहीं लाया जाता और भविष्य में ऐसे अपहरण ना हों, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

बलूचिस्तान में वर्षों से जारी है लापता लोगों की तलाश

यह घटना बलूचिस्तान में लगातार बढ़ती हुई "लापता लोगों" की घटनाओं की कड़ी में एक और नाम जोड़ देती है। वर्षों से कई परिवार अपनों की तलाश में सड़कों पर बैठे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

Source | ANI

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