pakistan: लरकाना में वकीलों की हड़ताल, पुलिस के अदालतों में प्रवेश पर प्रतिबंध की धमकी

लरकाना, पाकिस्तान, 18 जून 2025: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना डिवीजन में वकीलों के नेताओं ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि कानून-व्यवस्था बहाल नहीं की जाती और लरकाना के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) नासिर अफ़ताब पठान को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तो वे अदालतों में कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे और पुलिस को अदालतों में प्रवेश करने से रोकेंगे।


यह घोषणा मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन (DBA) के बार रूम में आयोजित एक उच्च स्तरीय वकील सम्मेलन में की गई। इस सम्मेलन में लरकाना डिवीजन के विभिन्न जिलों के वकील, सिंध बार काउंसिल के प्रतिनिधि और अन्य कानूनी पेशेवर शामिल हुए। वकीलों ने लरकाना और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों, चोरी, डकैती, हत्या और पुलिस की कथित निष्क्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की।

वकीलों ने कहा कि यदि उनके मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तो वे DIG के कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इस धरने को तब तक जारी रखा जाएगा जब तक DIG को उनके पद से हटा नहीं दिया जाता।

वकीलों की मांगें

लरकाना डिवीजन के वकीलों की मुख्य मांगें सीधे-सीधे क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता से जुड़ी हुई हैं। उनका पहला और सबसे अहम आग्रह यह है कि डिवीजन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) नासिर अफ़ताब पठान को तुरंत उनके पद से हटाया जाए, क्योंकि वे स्थानीय अपराधों जैसे हत्या, डकैती और छापों को रोकने में पूरी तरह असफल रहे हैं। दूसरी मांग के तहत वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे पुलिस कर्मियों को अदालत परिसर में प्रवेश करने से रोक देंगे, ताकि अदालतों की गरिमा और स्वतंत्रता बनी रहे। तीसरी और निर्णायक चेतावनी के रूप में वकीलों ने कहा है कि वे अदालतों की कार्यवाही का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और यह विरोध तब तक चलेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। ये तीनों मांगे न सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव की अपेक्षा करती हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था की स्वायत्तता और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ओर संकेत करती हैं।

लरकाना डिवीजन के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में अपराधों में वृद्धि देखी गई है। वकीलों का आरोप है कि पुलिस इन अपराधों को रोकने में विफल रही है और अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस स्थिति ने वकीलों के बीच असंतोष को जन्म दिया है, जो अब अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।

अगला कदम:

वकीलों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो वे अपनी हड़ताल और विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम न केवल उनके पेशेवर अधिकारों की रक्षा के लिए है, बल्कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के शासन की रक्षा के लिए भी है।

Source | ani

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