थाईलैंड-कंबोडिया विवाद: पीएम-सेना टकराव से सियासी संक

Bangkok [Thailand], 20 जून 2025: थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा (Paetongtarn Shinawatra) और कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन (Hun Sen) के बीच की एक निजी टेलीफोन बातचीत के लीक होने के बाद न सिर्फ थाईलैंड की घरेलू राजनीति में हलचल मच गई है, बल्कि देश की सेना और सरकार के रिश्ते भी तनावपूर्ण हो गए हैं। यह विवाद थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में और भी संवेदनशील बन गया है।

बैंकॉक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा

क्या है पूरा मामला?

15 जून को थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न और कंबोडिया के पूर्व पीएम हुन सेन के बीच हुई एक कॉल सोशल मीडिया पर लीक हो गई, जिसमें पैतोंगटार्न ने थाई सेना के दूसरे आर्मी रीजन कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बूनसिन पाडक्लांग (Lt Gen Boonsin Padklang) को "विरोधी" कहा। इस बातचीत में वह हुन सेन को "अंकल" कहकर संबोधित करती हैं।

यह कॉल सीमा पर 28 मई को हुए संघर्ष पर चर्चा के लिए थी, जिसमें एक कंबोडियाई सैनिक की मौत हो गई थी। बूनसिन के मुताबिक, कंबोडियाई सैनिक 150 मीटर थाई सीमा में घुस आए थे और खाई बनाकर रुक गए थे। दोनों देशों के सैनिकों में "एमराल्ड ट्रायंगल" क्षेत्र में गोलीबारी भी हुई, यह इलाका थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की सीमाओं का मिलन बिंदु है।

सेना के साथ रिश्ता सुधारने की कोशिश

पैतोंगटार्न अब इस विवाद को सुलझाने के लिए उत्तर-पूर्वी थाईलैंड के चोंग बोक (Chong Bok) क्षेत्र का दौरा कर रही हैं, जहां ले. जनरल बूनसिन तैनात हैं। उन्होंने बूनसिन को कॉल कर माफी मांगी और अब व्यक्तिगत मुलाकात कर मतभेदों को खत्म करना चाहती हैं।

बूनसिन ने मीडिया को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर "राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए नैतिक नीतियों" का पालन किया जाए।

राजनीतिक संकट: गठबंधन सरकार खतरे में

इस कॉल के सार्वजनिक होने के बाद थाईलैंड की राजनीति में भी भूचाल आ गया है। कंजरवेटिव भुमजईथाई पार्टी (Bhumjaithai Party) ने 19 जून को सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सेना का अपमान किया और राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौता किया।

इससे प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न के नेतृत्व वाली फियू थाई पार्टी (Pheu Thai Party) की गठबंधन सरकार की संसद में बहुमत लगभग खत्म हो गया है, थाईलैंड की 500 सीटों वाली संसद में अब सरकार के पास बहुत ही पतली संख्या शेष रह गई है।

कंबोडिया-थाईलैंड संबंधों में तनाव

थाई सरकार ने कंबोडिया से इस लीक के लिए आधिकारिक तौर पर विरोध जताया है। इसे ‘राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन’ बताया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे में गिरावट आई है।

Thailand PM Paetongtarn Shinawatra

कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट (Hun Manet), जो 2023 में अपने पिता हुन सेन की जगह सत्ता में आए, ने हाल ही में फेसबुक पोस्ट में बताया कि उन्होंने इस विवाद पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

सीमा विवाद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद नया नहीं है। यह विवाद औपनिवेशिक काल से जुड़ा है, जब फ्रांस ने 1907 में कंबोडिया की सीमाओं की मैपिंग की थी। थाईलैंड इस मानचित्र को अस्वीकार करता है, जबकि कंबोडिया इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दस्तावेज मानता है।

1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने प्रसिद्ध "प्रेह विहेयर मंदिर" (Preah Vihear Temple) को कंबोडिया का हिस्सा घोषित किया था। थाईलैंड ने फैसले को स्वीकार तो किया, लेकिन मंदिर से सटे क्षेत्रों को लेकर विवाद आज भी जारी है।

मौजूदा तनाव के असर

हाल ही के घटनाक्रमों के चलते दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक संबंध भी प्रभावित हुए हैं।

  • कंबोडिया ने थाई फलों और सब्जियों के आयात पर रोक लगा दी।

  • थाईलैंड ने कंबोडियाई नागरिकों के लिए सीमा पार करने पर सख्ती बढ़ा दी है।

  • कंबोडियाई टीवी और सिनेमा में थाई ड्रामा शो दिखाने पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।

हालात को संभालने की कोशिश

12 जून को दोनों देशों ने एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद तनाव कम करने पर सहमति जताई थी। हालांकि 19 जून को लीक कॉल और उसके बाद की सियासी घटनाएं उस कोशिश पर पानी फेरती नजर आ रही हैं।

थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न की एक निजी बातचीत से उपजे विवाद ने न केवल सेना और सरकार के रिश्तों में दरार ला दी है, बल्कि थाईलैंड-कंबोडिया संबंधों में भी नए तनाव पैदा कर दिए हैं। देश की राजनीति, कूटनीति और सीमा सुरक्षा एक बार फिर नए संकट की ओर बढ़ रही है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या पैतोंगटार्न इस संकट को संभालकर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर पाएंगी या फिर यह विवाद उनकी सरकार के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।

Source | ANI

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