JP Nadda Highlights Investment Opportunities in India During Meeting with Saudi-India Business Council Head
दम्मम [सऊदी अरब]: भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी को और मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सऊदी अरब के दम्मम में सऊदी-भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष अब्दुलअजीज अल कहतानी और वहां के प्रमुख व्यापारिक समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत में निवेश के व्यापक अवसरों पर प्रकाश डालते हुए सऊदी व्यवसायों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा पोस्ट में बताया कि उनकी अब्दुलअजीज अल कहतानी के साथ "सार्थक बैठक" हुई, जिसमें दोनों देशों की कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग और निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने उर्वरक, रसायन और फार्मास्यूटिकल्स जैसे विविध क्षेत्रों में भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों को सऊदी अरब के उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत करते हुए उन्हें भारत में निवेश की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया।
नड्डा ने एक्स पर लिखा, “सऊदी-भारत व्यापार परिषद के अध्यक्ष श्री अब्दुलअजीज अल कहतानी के साथ दम्मम में एक उपयोगी बैठक हुई और व्यापार समुदाय के प्रमुख सदस्यों से बातचीत हुई। हमने भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी और सहयोग पर गहन चर्चा की। साथ ही, उर्वरक, रसायन और फार्मास्यूटिकल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत में उपलब्ध व्यापक निवेश अवसरों को रेखांकित किया और सऊदी व्यवसायों को भारत की विकास यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।”
नड्डा इस समय सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा पर हैं और उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी शामिल हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने भी नड्डा के सऊदी अरब आगमन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजदूत डॉ. सुहेल एजाज खान ने उनका स्वागत किया।
भारत-सऊदी अरब आर्थिक संबंध और व्यापारिक स्थिति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 52.76 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जिसमें सऊदी अरब से भारत का आयात 23.47% बढ़कर 42.03 अरब अमेरिकी डॉलर और सऊदी अरब को भारत का निर्यात 10.72 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22.48% की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में भारत के कुल व्यापार में सऊदी अरब के साथ व्यापार का हिस्सा 4.53% रहा।
सऊदी अरब में भारतीय निवेश की बात करें तो, जनवरी 2022 तक सऊदी अरब में लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ करीब 2,783 भारतीय कंपनियां संयुक्त उद्यम या पूर्ण स्वामित्व वाली संस्थाओं के रूप में पंजीकृत हैं। वहीं, मार्च 2022 तक भारत में सऊदी अरब का प्रत्यक्ष निवेश 3.15 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में भी नई परियोजनाएं विचाराधीन हैं, जिससे आने वाले वर्षों में निवेश और साझेदारी और अधिक गहराई प्राप्त कर सकती है।
बड़े निवेश और साझेदारी
जून 2020 में सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म्स में 1.49 अरब अमेरिकी डॉलर (2.32% हिस्सेदारी) और नवंबर 2020 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड में 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर (2.04% हिस्सेदारी) का निवेश किया। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है, जिसमें सऊदी कंपनी अल-फनार ने भारत में 600 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना में निवेश किया है।
भारत में निवेश के लिए अनुकूल अवसर
जेपी नड्डा ने अपनी मुलाकात में सऊदी व्यवसायों को बताया कि भारत में ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के कारण निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। उर्वरक, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में निवेश करने वाले सऊदी व्यवसायों को भारत में दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
नड्डा की इस यात्रा से यह स्पष्ट संकेत गया है कि भारत और सऊदी अरब के बीच व्यापारिक साझेदारी और निवेश सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने के लिए भारत सक्रिय प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की उच्च स्तरीय बैठकों से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा का संचार होगा, जिससे रोजगार सृजन, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास में तेजी आएगी।
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