Moradabad Weather Alert: भारी बारिश से ट्रैक पर जलभराव, 26 ट्रेनें रुकीं

मुरादाबाद में तेज बारिश के कारण यार्ड में जलभराव हो गया जिससे सिग्नल और प्वाइंट फेल हो गए। मुरादाबाद-दिल्ली, मुरादाबाद-लखनऊ और मुरादाबाद-सहारनपुर रेल मार्गों पर यातायात ठप हो गया। 26 ट्रेनों को विभिन्न स्थानों पर रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को छह घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। 

मुरादाबाद में बारिश के कारण लाइनपार के नाले उफनाए तो रेलवे ट्रैक पर जलभराव हो गया। इसके कारण मुरादाबाद यार्ड में सिग्नल और प्वाइंट फेल हो गए। मुरादाबाद-दिल्ली, मुरादाबाद-लखनऊ और मुरादाबाद-सहारनपुर लाइन पर काफी देर तक रेल यातायात ठप हो गया। 26 ट्रेनों को जगह-जगह रोकना पड़ा। इसके कारण ट्रेन में बैठे यात्री और स्टेशनों पर इंतजार कर रहे यात्रियों की परेशानी दोगुनी हो गई। मुरादाबाद से बरेली और दिल्ली तक पहुंचने में लोगों को छह घंटे लग गए।

रात 10 बजे बारिश तेज हुई और 10:30 बजे तक यार्ड में प्वाइंट फेल होने शुरू हो गए। एक बजे तक यह स्थिति बनी रही। हावड़ा से अमृतसर जा रही पंजाब मेल एक्सप्रेस को रात 9:52 बजे मुरादाबाद में रोका गया। इसके बाद 10:30 बजे जनता एक्सप्रेस, 10:40 बजे योगनरी ऋषिकेश समर स्पेशल एक्सप्रेस, 11 बजे बेगमपुरा एक्सप्रेस को कटघर में रोका गया। 

11:30 बजे रानीखेत एक्सप्रेस मूंढापांडे में खड़ी हो गई। राजगीर से आ रही श्रमजीवी एक्सप्रेस 12 बजे के बाद तक बरेली में फंसी रही। छोटे-छोटे स्टेशनों पर भी कई ट्रेनें रोक दी गईं। रेलवे ने जलनिकासी के लिए पंप लगाए। रात दो बजे तक ट्रैक पर पानी कम हुआ और रेल संचालन सुचारू हो पाया। 

दिन में चलने वाली कईं ट्रेनें भी घंटों देरी से पहुंचीं

दिन में चलने वाली ट्रेनें भी लेट हो गईं। बरेली से चलने वाली आला हजरत एक्सप्रेस मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर ढाई घंटे देरी से पहुंची। शहीद एक्सप्रेस, मुंबई एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटे लेट हो गई। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि नालों के उफनाने के कारण यह समस्या हर साल होती है। रेलवे ट्रैक पर क्रॉस ड्रेनेज बना रहा है लेकिन स्थानीय निकाय को भी व्यापक व्यवस्था करनी चाहिए जिससे जलभराव न हो। 

रास्ते में रोकनी पड़ीं यह ट्रेनें 

15127    काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 

13009    दून एक्सप्रेस 

13258    जनसाधारण एक्सप्रेस 

14242    नौचंदी एक्सप्रेस 

14208    पद्मावत एक्सप्रेस 

12524    न्यूजलपाईगुड़ी एक्सप्रेस 

12230    लखनऊ मेल 

15012    चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस

ड्रेनेज सिस्टम फेल, घर से दुकानों तक पानी

रविवार रात और सोमवार सुबह हुई शहर में 65 मिलीमीटर बारिश में नगर निगम का ड्रेनेज सिस्टम फेल हो गया। दूसरे दिन सोमवार को भी कई इलाकों में जलभराव की समस्या बरकरार रही। कई मोहल्लों में घरों में पानी भरा रहा। वहीं बाजारों में दुकानदार दुकानों से पानी निकालते नजर आए। दूसरी ओर जलभराव के बीच बच्चों को स्कूल आना जाना पड़ा। शहर में रविवार की रात झमाझम बारिश हुई। इस दौरान जेल रोड, कोर्ट रोड अशोक नगर स्थित घरों में पानी घुस गया।

रातभर सोने की जगह लोग घरों से पानी निकालने में व्यस्त रहे। तहसील के नजदीक निहाररियान, रामगंगा विहार साईं मंदिर, अवंतिका कॉलोनी के घरों में पानी भर गया। भोला नाथ कॉलोनी और झब्बू का नाला के इर्दगिर्द घरों से पानी नहीं निकला है। स्टेडियम रोड निवासी सुभाष कुमार वर्मा और डॉ. पीएन टंडन ने बताया कि उनके घरों के अंदर पानी घुस गया था।

इसका प्रमुख कारण मुख्य रोड से गलियों की सड़कें नीची होना है। इसी कारण अब समस्या काफी बढ़ गई है। पहले घरों के अंदर पानी नहीं भरता था। कुछ अन्य लोगों का कहना था कि ड्रेनेज सिस्टम फेल होने के कारण ऐसा हुआ है। दिल्ली रोड पर भी नाले की सफाई सही ढंग से नहीं होने के कारण पानी नहीं निकल सका। रामगंगा के किनारे कटघर क्षेत्र के लोग जलभराव के चलते परेशान रहे।

लाइनपार के घरों में घुसा पानी, स्कूली बच्चे जूझे

लाइनपार के सूर्यनगर, विकास नगर, ढक्का, राम तलैया रामलीला मैदान के अंदर और बाहर पानी तीन से चार फीट पानी भर गया। सोमवार को बच्चों को रामलीला मैदान के रास्ते से स्कूल जाने के लिए जलभराव के बीच से निकलना पड़ा। शाम तक रामलीला मैदान क्षेत्र से पानी नहीं निकला था।  इसी प्रकार ढक्का, सूर्यनगर में बच्चों को पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ा। इधर गुलाबबाड़ी और जयंतीपुर में भी घरों में पानी घुस गया था। पंडित देश राज शर्मा का कहना है कि नगर निगम पानी निकालने में असमर्थ है। अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं किया गया है।

रामगंगा का जलस्तर बढ़ा

रामगंगा नदी के खतरे का स्तर 190.60 हैं। सोमवार की सुबह आठ बजे रामगंगा का जलस्तर 187.66 मीटर पहुंच गया। जिला प्रशासन का मानना है कि 24 घंटे में 65 मिमी बारिश हुई है। वहीं गागन नदी का खतरे का निशान 192.28 मीटर है। इस नदी का जलस्तर सोमवार को 189.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 9454416867 जारी किया है। इसी प्रकार टोल फ्री नंबर 1077 पर भी लोग राहत और बचाव के लिए सूचना दे सकते हैं।

मंडी में भी भरा पानी

मंडी में जलभराव के चलते कारोबारियों के साथ किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारे में फल विक्रेता कल्याण समिति के मीडिया प्रभारी विनोद शर्मा ने बताया कि मंडी प्रशासन ने जलभराव रोकने के लिए पंप हाउस और तालाब का निर्माण कराया था लेकिन कुछ काम नहीं आ सका। नालों के बीच सही कनेक्शन नहीं होने के कारण जल निकासी नही हो सकी। इस कारण जलभराव के बीच किसी प्रकार सब्जी का कारोबार किया गया। 

रामगंगा विहार की सड़क धंसी

रामगंगा विहार एमडीए उपाध्यक्ष के आवास के पास तिराहे पर सड़क धंस गई। इस दौरान दो कारें फंस गईं। कारों को स्थानीय लोगों ने निकाला। इस बारे में व्यवसायी शेखर ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही सीवर के लिए सड़क खोदी गई थी। इसी कारण साईं मंदिर रोड पर सड़क में होल हो गया है। स्थानीय लोगों ने होल में डंडे डाला है ताकि कोई वाहन चालक फंस न सके।

तालाब किनारे बनाई गई दीवार ढही

मूंढापांडे के ग्राम पंचायत खरगपुर जगतपुर के तहत अहमदपुर मे मुख्य मार्ग पर सड़क डलवाने के लिए तालाब के किनारे दीवार बनाई गई थी। ग्राम प्रधान नूर हसन ने बताया कि सड़क डालने की तैयारी चल हो रही थी। सोमवार को बारिश के दौरान दीवार गिर गई। इस दौरान काफी सामान नष्ट हो गया।

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