G20 शेरपा पद से अमिताभ कांत का इस्तीफा, अब स्टार्टअप्स और थिंक टैंक्स को देंगे समर्थन

नई दिल्ली, 16 जून 2025 (ANI): भारत सरकार के वरिष्ठ नौकरशाह और G20 शेरपा अमिताभ कांत ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 45 वर्षों की लंबी और प्रभावशाली सरकारी सेवा के बाद उन्होंने अब एक "नई यात्रा" की घोषणा की है, जिसमें वे देश के विकास के लिए स्टार्टअप्स, थिंक टैंक्स और शैक्षणिक संस्थानों का समर्थन करने की दिशा में कार्य करेंगे।


नई यात्रा की शुरुआत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में अमिताभ कांत ने लिखा:

"45 वर्षों की समर्पित सरकारी सेवा के बाद, मैंने जीवन में नए अवसरों को अपनाने और आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने G20 शेरपा के रूप में मुझे सेवा का अवसर दिया और देश के विकास में योगदान का मंच प्रदान किया।"

भारत की G20 अध्यक्षता और वैश्विक पहचान

अमिताभ कांत को जुलाई 2022 में भारत का G20 शेरपा नियुक्त किया गया था। उन्होंने भारत की ओर से 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन का नेतृत्व किया था, जो उनके करियर का एक ऐतिहासिक और गर्वपूर्ण क्षण बना।

उन्होंने कहा:

"2023 में भारत की G20 अध्यक्षता का नेतृत्व करना मेरे करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। वैश्विक जटिलताओं के बावजूद, हमने नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन पर सर्वसम्मति बनाई और विकासात्मक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कराया।"

"G20 की हमारी अध्यक्षता समावेशी और जनकेंद्रित रही, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बैठकें आयोजित की गईं। इससे सहकारी संघवाद को मजबूती मिली, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिला और देशभर में बुनियादी ढांचे का उन्नयन हुआ।"

NITI Aayog और औद्योगिक नीति विभाग में भूमिका

G20 से पहले अमिताभ कांत, नीति आयोग के CEO और औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने कई क्रांतिकारी योजनाएं और नीतियां लागू कीं, 115 पिछड़े जिलों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए लॉन्च किया गया यह कार्यक्रम नीति आयोग की बड़ी सफलता मानी गई। डिजिटल इंडिया के तहत आधार, UPI और अन्य टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के लिए आधारभूत संरचना मजबूत की गई। औद्योगिक सुधारों, उद्यमिता और निवेश में वृद्धि के लिए की गई पहलों में कांत की भूमिका अत्यंत अहम रही। Ease of Doing Business रैंकिंग में भारत को 79 पायदान ऊपर लाने का श्रेय इन्हीं नीतियों और सुधारों को जाता है।

अपने बयान में अमिताभ कांत ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव पीके मिश्रा का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।

नए मिशन की घोषणा: स्टार्टअप्स और थिंक टैंक्स को समर्थन

अब, सेवा निवृत्ति के बाद, अमिताभ कांत का अगला लक्ष्य भारत को "विकसित भारत" (Viksit Bharat) बनाने की दिशा में अपना योगदान जारी रखना है। वे इस नई भूमिका में, स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराएंगे, थिंक टैंक्स और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़कर नीति निर्माण में सहयोग करेंगे और स्वतंत्र उद्यमों और नवाचारों को बढ़ावा देंगे

अमिताभ कांत की प्रशासनिक यात्रा, विचारशील नेतृत्व और विकासोन्मुख दृष्टिकोण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मज़बूत आवाज़ प्रदान की है। G20 से लेकर नीति आयोग तक, उनकी उपलब्धियां प्रेरणास्रोत रही हैं। अब जब वे सरकारी सेवा से बाहर नई यात्रा पर निकले हैं, तो देश को उनसे निजी क्षेत्र और नीति चिंतन में भी बड़ी उम्मीदें हैं।

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