असम में बड़ा हादसा: कालाइन-सिलचर मार्ग पर पुल गिरा, ट्रक नदी में समाए

असम के काछार जिले में स्थित कालाइन-सिलचर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा हुआ। भंगरपार क्षेत्र में हरंग नदी पर बना पुल ढह गया, जिससे दो भारी-भरकम ट्रक नदी में गिर गए। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जाने पूरी खबर-


सिलचर (असम) | 18 जून | nbt :असम के कछार ज़िले में स्थित हरांग पुल मंगलवार रात को कालाइन-सिलचर मार्ग पर ढह गया। इस हादसे में दो भारी मालवाहक ट्रक पुल के साथ नदी में गिर गए। हादसे के बाद राहत और बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हादसे की विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। पुल के गिरने से इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग की तलाश करनी पड़ रही है।

महाराष्ट्र के पुणे में भी पुल हादसा, चार लोगों की मौत

इस बीच, एक और गंभीर घटना महाराष्ट्र के पुणे ज़िले में सामने आई है, जहां इंद्रायणी नदी पर बना एक पुल रविवार दोपहर को गिर गया। इस दुर्घटना में 55 लोग नदी में गिर गए, जिनमें से 51 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि चार लोगों की मौत हो गई

पुणे ज़िला कलेक्टर जितेन्द्र डूडी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और 38 लोग फिलहाल उपचाराधीन हैं। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

हवाई सर्वे और जांच समिति गठित

जिला कलेक्टर डूडी ने यह भी जानकारी दी कि हादसे की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), वन विभाग और पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। यह समिति हादसे की वजहों, लापरवाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमियों की पहचान करेगी।

उन्होंने कहा, "हमने इस स्थान का हवाई सर्वेक्षण भी किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई लापता व्यक्ति बचा न हो। फिलहाल, सभी 55 लोगों में से या तो बचाव हो चुका है या उनकी पहचान हो चुकी है।"

पुराने पुलों की संरचनात्मक समीक्षा का आदेश

जिला प्रशासन ने इलाके में मौजूद सभी पुराने पुलों की संरचनात्मक जांच के आदेश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकना और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कलेक्टर ने नागरिकों से मानसून के दौरान इस तरह के स्थानों पर जाने से बचने की अपील भी की है। उन्होंने कहा, "मानसून के समय ऐसे स्थानों पर जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए जनता से अपील है कि सावधानी बरतें।"

असम और महाराष्ट्र में हुए ये पुल हादसे एक बार फिर से बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। प्रशासन ने जहां तत्काल राहत और सहायता की घोषणाएं की हैं, वहीं यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।


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