G7 सम्मेलन में PM मोदी के न्योते का कनाडा में स्वागत, भारत-कनाडा संबंधों में सुधार की उम्मीद

कनाडा की विधायक डलास ब्रॉडी ने G7 सम्मेलन में पीएम मोदी के आमंत्रण का स्वागत करते हुए भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने खालिस्तानी चरमपंथ को बड़ा खतरा बताते हुए इससे सख्ती से निपटने की अपील की। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार और आपसी विश्वास को बढ़ाने की उम्मीद जताई।

वैंकूवर [कनाडा], 17 जून 2025: ब्रिटिश कोलंबिया के वैंकूवर-क्विलचैना से विधायक और जानी-मानी वकील डलास ब्रॉडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G7 शिखर सम्मेलन के लिए कनाडा आमंत्रित किए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इस कदम को भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक मोड़ करार दिया।

डलास ब्रॉडी ने ANI से बात करते हुए कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जिसकी आबादी विशाल, शिक्षित और प्रेरित है। कनाडा को भारत से अच्छे संबंधों का ही फायदा होगा।”

दो देशों के रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद

डलास ब्रॉडी ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण होगी और इससे दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आएगी। उन्होंने भारत को व्यापार के लिहाज से आदर्श देश बताया और कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता करना समझदारी होगी।

उन्होंने आगे कहा, “कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है, खासकर ब्रिटिश कोलंबिया में। यह मुलाकात इन लोगों के लिए उम्मीद और सकारात्मक भविष्य का संकेत होगी।”

पीएम मोदी को G7 में बुलाना सकारात्मक कदम

डलास ब्रॉडी ने पीएम मोदी को G7 में आमंत्रित किए जाने को “शानदार विकास” करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत जैसा विशाल बाजार, जिसकी आबादी 1.4 अरब है और जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, कनाडा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साझेदार हो सकता है। कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथ के मुद्दे पर भी ब्रॉडी ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि “यह एक गंभीर समस्या है, जिससे न केवल हिंदू और सिख समुदाय प्रभावित हैं, बल्कि यह पूरे समाज के लिए डरावनी स्थिति बन चुकी है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी और पीएम कार्नी की बैठक में इस मुद्दे पर जरूर चर्चा होगी और इसे सख्ती से निपटाया जाएगा।

एयर इंडिया कनीष्का बम धमाके पर भी दी राय

ब्रॉडी ने 1985 के एयर इंडिया कनीष्का बम धमाके को "घिनौना आतंकवादी हमला" बताया और कहा कि इसके शिकार 329 निर्दोष लोग थे। उन्होंने इस घटना की याद में एक स्मारक बनाए जाने की वकालत की ताकि युवा पीढ़ी इस दुखद अध्याय से सीख ले सके।

उन्होंने कहा, “यह घटना अभी भी बहुत से कनाडाई लोगों के लिए अनजान है। इसके पीछे जिन संगठनों का हाथ था, उन पर कड़ी नज़र रखने की जरूरत है।”

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत-कनाडा बातचीत की उम्मीद

जब उनसे पूछा गया कि क्या आतंकवाद उन्मूलन पर दोनों देशों के बीच बातचीत हो सकती है, तो उन्होंने कहा, “मैं निश्चित तौर पर नहीं कह सकती कि दोनों नेता क्या चर्चा करेंगे, लेकिन मुझे यकीन है कि यह मुद्दा उनकी प्राथमिकता में जरूर होगा।”

उन्होंने कश्मीर में हालिया पर्यटकों पर हमले को "घृणित" बताते हुए कहा कि “कनाडा को इस तरह की घटनाओं पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाना चाहिए।”

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